Sutralok / Tue, Mar 31, 2026
लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो Mayawati ने मंगलवार को लखनऊ में पार्टी के 250 वरिष्ठ नेताओं के साथ अहम बैठक की। इस बैठक में यूपी के सभी जिलाध्यक्ष और मंडल कोऑर्डिनेटर शामिल हुए।
पार्टी कार्यालय में हुई इस मीटिंग में मायावती केंद्र में बैठीं, जबकि Akash Anand, Satish Chandra Mishra और Vishwanath Pal किनारे नजर आए।
सुबह 11 बजे मायावती अपने भतीजे आकाश आनंद के साथ पार्टी ऑफिस पहुंचीं। बताया जा रहा है कि यह बैठक मुख्य रूप से B. R. Ambedkar जयंती (14 अप्रैल) और आगामी 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर बुलाई गई है।
14 अप्रैल को होगा बड़ा शक्ति प्रदर्शन
सूत्रों के अनुसार, BSP इस बार बाबा साहेब की जयंती को भव्य तरीके से मनाने की तैयारी में है। छोटे कार्यक्रमों की बजाय लखनऊ में एक बड़ा आयोजन होगा, जिसमें पूरे प्रदेश से कार्यकर्ताओं को बुलाया जाएगा।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि मायावती 9 अक्टूबर को Kanshi Ram के परिनिर्वाण दिवस पर हुए शक्ति प्रदर्शन की तरह ही एक बार फिर अपनी ताकत दिखाना चाहती हैं।
2027 चुनाव को लेकर आक्रामक रणनीति
2022 विधानसभा चुनाव में सिर्फ 1 सीट जीतने के बाद BSP अब 2027 के लिए नई रणनीति बना रही है। पार्टी का मुख्य फोकस अपने कोर दलित वोट बैंक को बचाने पर है।
BSP के सामने 3 बड़ी चुनौतियां
Rahul Gandhi दलित वोट बैंक को साधने की कोशिश में जुटे हैं
Chandrashekhar Azad पश्चिमी यूपी में सक्रिय हैं
Akhilesh Yadav PDA (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) फॉर्मूला पर काम कर रहे है
BSP का गिरता ग्राफ
2007: 206 सीटें
2022: सिर्फ 1 सीट
2019 लोकसभा: 10 सीटें
2024 लोकसभा: 0 सीट
वोट प्रतिशत भी लगातार गिरा है, जिससे पार्टी के सामने अस्तित्व की चुनौती खड़ी हो गई है।
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