15 Oct 2026
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7 गोलियां झेलने वाले IAS ने दिया इस्तीफा : “जनसेवा का मौका नहीं मिला”

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश कैडर के 2022 बैच के IAS अधिकारी रिंकू सिंह राही ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने इस्तीफे में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्हें लंबे समय से न तो कोई पोस्टिंग दी जा रही थी और न ही कोई जिम्मेदार काम सौंपा गया।

राही ने अपने पत्र में लिखा कि वे “संबद्ध” रखे गए थे, जहां उन्हें न तो गरिमापूर्ण कार्य मिला और न ही जनसेवा का अवसर। उन्होंने इसे एक नैतिक निर्णय बताते हुए कहा कि वेतन मिलने के बावजूद बिना काम के रहना उनके सिद्धांतों के खिलाफ है।

“सिस्टम के समानांतर सिस्टम चल रहा”

IAS रिंकू सिंह राही ने अपने इस्तीफे में यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश में “संवैधानिक व्यवस्था के समानांतर एक अलग सिस्टम” चल रहा है, जो प्रशासनिक कार्यप्रणाली को प्रभावित कर रहा है।

कार्रवाई के बाद साइडलाइन?

सूत्रों के अनुसार, SDM के तौर पर कार्रवाई करने के बाद उन्हें साइडलाइन कर दिया गया। इसके बाद से उन्हें कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं दी गई।

जान पर खेलकर किया था घोटाले का खुलासा

गौरतलब है कि वर्ष 2009 में एक घोटाले का खुलासा करने के चलते रिंकू सिंह राही पर हमला हुआ था, जिसमें उन्हें 7 गोलियां लगी थीं। इसके बावजूद वे बच गए थे और अपनी ईमानदार छवि के लिए जाने जाते हैं।

वायरल वीडियो के बाद बढ़ी मुश्किलें

हाल ही में शाहजहांपुर में वकीलों के एक प्रदर्शन के दौरान उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे उठक-बैठक करते नजर आए थे। इसके बाद सरकार ने उन्हें अटैच कर दिया था और तब से उन्हें कोई नई पोस्टिंग नहीं मिली।

“अकेले नहीं हैं राही”

सूत्रों का कहना है कि रिंकू सिंह राही अकेले ऐसे अधिकारी नहीं हैं, जिन्हें इस तरह साइडलाइन किया गया है। कई अन्य अधिकारियों को भी लंबे समय से बिना जिम्मेदारी के रखा गया है।

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